वैज्ञानिक रॉबर्ट हुक की जीवनी : Robert hook Biography in Hindi

Robert hook Biography in Hindi : हूक एक पुनर्जागरण आदमी था. सभी ट्रेडों का एक जैक और कई का एक मास्टर उन्होंने सबसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक पुस्तकों में से एक लिखा है. माइक्रोग्रैफिया और वास्तुकला खगोल विज्ञान जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, भौतिकी, सर्वेक्षण और मानचित्र बनाना और वैज्ञानिक उपकरणों के डिजाइन और निर्माण में फैले मानव ज्ञान में योगदान दिया.

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प्रारंभिक जीवन |robert hooke essay

रॉबर्ट हुक का जन्म 18 जुलाई 1635 को इंग्लैंड के वाइट द्वीप में हुआ था रॉबर्ट अपने माता-पिता के चार संतानो मे सबसे छोटे थे. इनके पिता जॉन रॉबर्ट चर्च मे पुरोहित थे. रॉबर्ट जब 13 वर्ष के थे तभी इनके पिता की मृत्यु हो गई. इसका परिणाम यह हुआ कि रोबोट को घर छोड़कर लंदन जाना पड़ा. लंदन मे उन्होने एक चित्रकार के यहाँ नौकरी कर ली. चित्रकला में भी उनकी प्रतिभा कुछ कम नहीं थी. किंतु रोबोट अक्सर बीमार रहा करते और चित्रकारी में प्रयुक्त होने वाले रंगों-तेलों से को उनकी प्रकृति बर्दाश्त नहीं कर सकती थी.

शिक्षा| robert hooke education

कला मे यह प्रारंभिक शिक्षा भी आगे चल कर उनके काम आई. इसके बाद रॉबर्ट वेस्टमिनिस्टर स्कूल में दाखिल हो गए 18 वर्ष की आयु में उन्हें ऑक्सफोर्ड में दाखिला मिल गया. अपनी कॉलेज की पढ़ाई के लिए वे कुछ-कुछ काम भी करते थे. पढ़ाई के बाद वे रॉयल सोसायटी जोइन कर लिए जहाँ उन दीनो इंग्लेंड के जाने-माने वैज्ञानिक जमा होते थे. वह सोसायटी के हर अधिवेशन से पहले जो भी परीक्षण दर्शाते उसके सदस्यो को अभीष्ट होते. उन सबका जिम्मा प्रबंध हुक के ज़िम्मे था. कुछ दीनो तक वे ग्रेशम कॉलेज मे ज्यामिति के प्रोफ़ेसर रहे थे.

जहां उन्होंने वैज्ञानिक रॉबर्ट बॉयल के सहायक के रूप में काम करके अपने अल्प धन को पूरक बनाया. खगोल विज्ञान से लेकर रसायन विज्ञान तक के विषयों का अध्ययन करते हुए, हुक ने भविष्य के वास्तुकार क्रिस्टोफर व्रेन जैसे प्रभावशाली दोस्त भी बनाए.

रॉबर्ट हुक का कैरियर | robert hooke contribution

ल्युवेन्होक ने उस समय तक लगभग 400 माइक्रोस्कोपिक लेंस बना लिए थे. लेकिन वह किसी भी कीमत पर एक भी लेंस किसी को देने के लिए तैयार नहीं थे. हुक ने दो-दो, तीन-तीन लेंस मिलाकर कुछ कंपाउंड माइक्रोस्कोप तैयार किए और जो कुछ उनके द्वारा प्रत्यक्ष किया उसके रेखाचित्र भी तैयार किए. हुक ने माइक्रोस्कोप की रचना का एक सिद्धांत तथा कार्य सार्वजनिक कर दिखाया किंतु इतिहास सूक्ष्मेक्षण-विज्ञान का जनक ल्युवेन्होक को ही मानता है.

रॉबर्ट हुक ने 1676 में यांत्रिक युक्तियों को किसी बल द्वारा विकृत करने के बारे में एक सामान्य बात कही जो लम्बाई में परिवर्तन (विकृति) और लगाये गये बल के सम्बन्ध में है. हुक ने अपना इलॅस्टिसिटी का नियम अपने एक वैज्ञानिक निबंध मे बिल्कुल ही दूसरे अभिप्राय से किया था. उन्होने स्प्रिंग-रेग्युलेटेड घड़ी पर भी बहुत काम किया था बाद मे वह रॉयल सोसाइटी के सेक्रेटरी नियुक्त किए गये लेकिन 1682 में उन्होंने यह नौकरी छोड़ दी.

रॉबर्ट हुक का मृत्यु कारण | robert hooke Death

इससे पहले वो एक बार अपने कच्चे घर की छत से नीचे गिर गये थे जीवन के अंतिम समय मे वे मधुमेह से ग्रसित हो गए, जिस कारण 3 मार्च, 1703 में उनकी मृत्यु हो गई

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