Home PERSONS language and literature चाणक्य नीति अध्याय 8 अनमोल वचन| Chanakya quotes in Hindi Chapter 8

चाणक्य नीति अध्याय 8 अनमोल वचन| Chanakya quotes in Hindi Chapter 8

चाणक्य नीति अध्याय 8 अनमोल वचन | Chanakya quotes in Hindi Chapter 8

चाणक्य नीति अध्याय 8 अनमोल वचन| Chanakya quotes in Hindi Chapter 8
चाणक्य नीति अध्याय 8 अनमोल वचन| Chanakya quotes in Hindi Chapter 8

Chanakya quotes 1

आठवां अध्याय की शुरूआत में श्री चाणक्य कहते हैं कि निकृष्ट लोग सिर्फ धन की कामना करते हैं माध्यम लोग धन और यश दोनों की चाहत रखते हैं और उत्तम लोग केवल यश की चाहत रखते हैं क्योंकि मान सम्मान सभी प्रकार के धनो से श्रेष्ठ है. जिस जीवन में मनुष्य को मान सम्मान नहीं मिलता है वह जीवन धन से भरपूर होने पर भी व्यर्थ है. धर्म नष्ट हो जाता है परंतु आदमी का यश उसके मरने के बाद भी अमर रहता है.

Chanakya quotes 2

आगे समझाते हैं कि दीपक का प्रकाश अंधकार को खा जाता है और काली को पैदा करता है उसी तरह मनुष्य सदैव जैसा अन खाता है वैसे ही उसकी संतान होती है. यदि कोई पुरुष गलत कमाए गए धन का अन खाता है तो उसकी संतान भी उसी तरह के गलत कर्मों में लग जाएगी और यदि आदमी इमानदारी से कमाए गए अन को खाता है तो उसकी संतान भी ईमानदार होगी. इसलिए परिश्रम और इमानदारी से प्राप्त खाना ही श्रेष्ठ होता है.

Chanakya quotes 3

आगे समझाते हैं कि है बुद्धिमान पुरुष धन गुणवानो को ही दे अन्य को नहीं देखो समुद्र का जल मेघु के मुंह में जाकर सदैव मीठा हो जाता है और पृथ्वी के चर अचर जीवो को जीवन दान देकर भी कई करोड़ गुना होकर फिर से समुंदर में चला जाता है. दान की महिमा अपरंपार है परंतु दान उसी को देना चाहिए जो सुपात्र हो सुपात्र के पास दान दी गई वस्तु अथवा धन का समुचित उपयोग होगा. दुष्ट के पास जाकर दान की गई वस्तु का उपयोग स्वास्थ्य से प्रेरित होकर ही हो पाता है. बेगू के पास जाकर समुद्र का खारा पानी भी मीठा हो जाता है और करोड़ों जीवो की प्यास को बुझाता है और फिर से सागर में मिल जाता है.

Chanakya quotes 4

आगे समझाते हैं कि तेल लगाने पर चीता का धुआं लगने पर स्त्री संभोग करने पर बाल कटवाने पर मनुष्य तब तक चांडाल अथवा शुद्ध बना रहता है जब तक कि वह स्नान नहीं कर लेता इसलिए हमेशा ध्यान रखें कि इन चीजों के बाद हमेशा सबसे पहले स्नान करें अपच होने पर पानी दवा है अपाचने पर बल देने वाला है भोजन के समय थोड़ा-थोड़ा जल अमृत के समान है और भोजन के अंत में जहर के समान फल देता है इसलिए हमेशा ध्यान रखें कि भोजन के अंत में पानी ना पिए यह तो भोजन के दौरान थोड़ा-थोड़ा पानी पिए या फिर भोजन के समाप्त होने के आधे से 1 घंटे बाद पानी का सेवन करें.

बुढ़ापे में स्त्री का मर जाना बंधु के हाथों में धन का चला जाना और दूसरे के आश्रय पर भोजन का प्राप्त होना यह तीनों ही स्थितियां पुरुषों के लिए दुखदाई है यज्ञ ना करने वाले का वेद पढ़ना व्यर्थ है बिना दान के यज्ञ करना व्यर्थ है बिना भाव के सिद्धि कभी नहीं होती है इसलिए भाव अर्थात प्रेम ही सब में प्रधान है भाव के बिना कोई भी कार्य संपन्न नहीं होता अतः सभी कार्यों में आस्था जरूरी है शांति के बराबर दूसरा कोई तप नहीं है संतोष से बढ़कर कोई सुख नहीं है.

लालच से बड़ा कोई रोग नहीं है और दया से बड़ा कोई धर्म नहीं है कोई हमराज की मूर्ति है लालच नर्क में बहने वाली नदी है विद्या कामधेनु गाय है और संतोष इंद्र के नंदनवन जैसे सुख देने वाला है क्रोध आदमी को हमेशा मृत्यु की और धकेलता है लालच अनेक कष्टों को जन्म देता है विद्या मनवंचित फल देने वाली है और संतोष से आत्म सुख मिलता है गुण से रोक की शोभा होती है सील से कुल की सभा होती है सिद्धि से विद्या की शोभा होती है और भोग से धन की शोभा होती है यहां भोग से आशय यह है कि जब तक धन का उपयोग सकर्मक के लिए नहीं किया जाता तब तक धन की शोभा नहीं की जा सकती.

Chanakya quotes 5

आगे चाणक्य कहते हैं कि गुण हीन व्यक्ति की स्वतंत्रता व्यर्थ है दोहा वाले व्यक्ति का कुल नष्ट होने योग्य है यदि लक्ष्य की सिद्धि ना हो तो विद्या व्यर्थ है और जिस धन का सदुपयोग ना हो वह धन व्यर्थ है आगे श्री चाणक्य कहते हैं कि भूमि के भीतर प्रविष्ट हुआ जल ही पवित्र होता है वर्षा का अधिकांश जल तो वहकर नाली नदियों द्वारा समुंदर में चला जाता है जो जल बचा हुआ है कुआं तलाब नदियों मैं भूमि की स्रोत से आता रहता है

Chanakya quotes 6

आगे कहते हैं कि लोक से प्रेरित ब्राह्मण आदर का पात्र नहीं रहता है और महत्वाकांक्षा ना रखने वाला राजा आलसी और आक्रमण होकर नष्ट हो जाता है संकोच करने वाली वेश्या ग्राहकों को पसंद ना करने के कारण अपना धंधा चौपट कर लेती है और बेशर्म कुलीन स्त्री दूसरों का विषय वासना का शिकार होकर पतित हो जाती है संसार में विद्वान व्यक्ति की प्रशंसा होती है.

विद्वान व्यक्ति सभी जगह पूजे जाते हैं विद्या से ही सब कुछ मिलता है विद्या ही सब जगह पूजा जाता है जो व्यक्ति मांस मदिरा का सेवन करता है वह इस पृथ्वी पर बोझ है इसी प्रकार जो निरक्षर है वह भी पृथ्वी पर बोझ है इस प्रकार मनुष्य पशु रूपी भार से यह पृथ्वी हमेशा पीड़ित और दबी रहती है तो आप जिंदगी में कोशिश करें कि निरीक्षण ना बने अनपढ़ ना बने या फिर पड़े हुए अनपढ़ ना बने यह था अध्याय 8 अब हम बढ़ेंगे अध्ययनों 9 की.

और पढ़े :

चाणक्य नीति अध्याय 1 | चाणक्य नीति अध्याय 2 | चाणक्य नीति अध्याय 3 | चाणक्य नीति अध्याय 4 | चाणक्य नीति अध्याय 5 | चाणक्य नीति अध्याय 6 | चाणक्य नीति अध्याय 7 | चाणक्य नीति अध्याय 8 | चाणक्य नीति अध्याय 9 | चाणक्य नीति अध्याय 10 | चाणक्य नीति अध्याय 11 | चाणक्य नीति अध्याय 12 | चाणक्य नीति अध्याय 13 | चाणक्य नीति अध्याय 14 | चाणक्य नीति अध्याय 15 | चाणक्य नीति अध्याय 16 | चाणक्य नीति अध्याय 17 

Anilhttps://anokhefacts.com/
हेलो दोस्तों मेरा नाम अनिल है और मैं इस वेबसाइट का Author हूं. पूरे इंटरनेट पर यह एकमात्र ऐसी वेबसाइट है जो लगातार हिंदी भाषा में आपको ऐसी ज्ञानवर्धक की चीजें provide कर रही है और आगे भी करती रहेगी. मेरी आपसे विनती है आप इस वेबसाइट के बारे में अपने दोस्तों को बताना ना भूलें मेरा मतलब है जितनी भी हो सके माउथ पब्लिसिटी करें ताकि आपके साथ साथ दूसरे लोग भी यह सारे ज्ञानवर्धक तथ्य पढ़ सकें .
RELATED ARTICLES

चाणक्य नीति अध्याय 12 अनमोल वचन | Chanakya quotes in Hindi Chapter 12

चाणक्य नीति अध्याय 12 अनमोल वचन | Chanakya quotes in Hindi Chapter 12Chanakya quotes 1 12 वीं अध्याय के आरंभ में श्री चाणक्य...

चाणक्य नीति अध्याय 13 अनमोल वचन | Chanakya quotes in Hindi Chapter 13

चाणक्य नीति अध्याय 13 अनमोल वचन | Chanakya quotes in Hindi Chapter 13Chanakya quotes 1 13 अध्याय की शुरुआत में श्री चाणक्य कहते...

चाणक्य नीति अध्याय 2 अनमोल वचन| Chanakya quotes in Hindi Chapter 2

चाणक्य नीति अध्याय 2 अनमोल वचन | Chanakya quotes in Hindi Chapter 2Chanakya quotes 1 दूसरे अध्याय के शुरू में ही चाणक्य कहते...

चाणक्य नीति अध्याय 14 अनमोल वचन | Chanakya quotes in Hindi Chapter 14

चाणक्य नीति अध्याय 14 अनमोल वचन | Chanakya quotes in Hindi Chapter 14Chanakya quotes 1 जिंदगी की सीख देने वाली बात के साथ...

चाणक्य नीति अध्याय 15 अनमोल वचन | Chanakya quotes in Hindi Chapter 15

  चाणक्य नीति अध्याय 15 अनमोल वचन | Chanakya quotes in Hindi Chapter 15  Chanakya quotes 1 शुरुआत में श्रीचाणक्य कहते हैं जिसका हृदय सभी...

चाणक्य नीति अध्याय 16 अनमोल वचन | Chanakya quotes in Hindi Chapter 16

चाणक्य नीति अध्याय 16 अनमोल वचन | Chanakya quotes in Hindi Chapter 16Chanakya quotes 1 चाणक्य कहते हैं कि जिन लोगों ने ना...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

20 majedar paheliyan with answer|20 मजेदार पहेलियाँ उत्तर सहित

20 MAJEDAR PAHELIYAN WITH ANSWER|20 मजेदार पहेलियाँ उत्तर सहितदोस्तों आज हम आपसे...

कैसे एक पूरे के पूरे जहाज को चोरी कर लिया गया | 5 BIGGEST Things Ever Stolen

कैसे एक पूरे के पूरे जहाज को चोरी कर लिया गया | 5 BIGGEST Things Ever Stolenदोस्त...

जानवर बच्चो को जन्म कैसे देते है|हैरान कर देगा|This Is How These 5 Animals Look Like at Giving Birth

जानवर बच्चो को जन्म कैसे देते है|हैरान कर देगा|This Is How These 5 Animals Look Like at Giving Birth

15 majedar paheliyan with answer|15 मजेदार पहेलियाँ उत्तर सहित

15 majedar paheliyan with answer|15 मजेदार पहेलियाँ उत्तर सहितPaheli:- शहद से ज्यादा...

Double meaning paheli with answer in hindi 2020

Double meaning paheli with answer in hindi

25 majedar paheliyan with answer 2020|25 मजेदार पहेलियाँ उत्तर सहित 2020

2020 कि मजेदार 25 पहेलियाँ उत्तर सहित बूझो तो जाने25 majedar paheliyan...

दुनिया की 10 सबसेछोटी उम्र की माएँ| 10 Youngest Mothers in the World

दुनिया की 10 सबसेछोटी उम्र की माएँ| 10 Youngest Mothers in the Worldकेवल गर्भवती महिलाएं ही...

15 Hindi Paheliyan for whatsapp with answer|15 दिमागी और मजेदार पहेलियाँ

15 Hindi Paheliyan for whatsapp with answer|15 दिमागी और मजेदार पहेलियाँयहां पर आपको...